यीशु तूने किया निहाल, जब मैं शरण में तेरी आया
पद 1
यीशु आकर तेरे द्वार, बरकत पाई बेशुमार (2)
कृपा तेरी हुई अपार, मेरे दिल का मैल मिटाया (2)
पद 2
तूने बचाये मेरे प्राण, दीनी क्रूस पर आकर जान (2)
तुझसे हार गया शैतान, मेरे मन में तू ही समाया (2)
पद 3
तेरी सिफतें अजब निराली, देखी सूरत खूब जलाली (2)
मेरे दिल में है खुशहाली, मैंने जीवन का सुख पाया (2)
पद 4
जो तेरी शरण में आवे, वह पापों से बच जावे (2)
मन में धर्म आत्मा पावे, इस को मैंने है अजमाया (2)
पद 5
है दास तेरा विश्वासी, काटी तूने काल की फांसी (2)
धन-धन अमरलोक के वासी, दर्शन तेरा मैंने पाया (2)
"जब यह पंक्ति आती है — “शरण में तेरी आया” — तो भजन संहिता 91:2 याद आता है। मैं यहोवा के विषय कहूँगा, वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है।"
"जब गीत कहता है — “दिल का मैल मिटाया” — तो 1 यूहन्ना 1:9 याद आता है। यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करे।"
"और जब कहा जाता है — “काल की फांसी” — तो 2 तीमुथियुस 1:10 दिल में आता है। मसीह यीशु ने मृत्यु को समाप्त कर दिया।"
"यह गीत शरण में आकर निहाल होने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे शरण पास आ गई हो।"
"बरकत, शैतान की हार, और अमरलोक — यही इस गीत की गहराई है।"
"शरण में आने से मैल मिटता है।"
"शरण में आने वाला पापों से बचता है।"
"सीख सीधी है — दास बनो, दर्शन पाओ।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने शरण को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो