किधर जा रहे हो ऐ लोगों, जरा ध्यान दो इस तरफ
लगा लो एक गोता तुम भी, जीवन जल की नदी में
पद 1
ये ऐसी नदी है कि जिसमें, कोई गन्दगी नहीं है (2)
तुम डूब भी जाओ इसमें, ये आँखों से दिखती नहीं (2)
यहीं से मिला मुझको जीवन, जब डूबा था इसमें कभी मैं किधर
पद 2
नदी कलवरी से बही थी, लहू ही लहू से भरी थी (2)
बस एक मरने से उसके, बची जिन्दगी है सभी की (2)
गर काश तुम इस लहू की, कीमत को पहचान जाओ (2)
जीना न फिर बेबसी में, जीवन है यीशु मसीह में (2)
किधर
पद 3
नदी आज भी ये तुम्हारे बीच में बह रही है
गोता लगा कर तो देखो, तुमसे ये कह रही है
बताओ क्यों प्यासे खड़े हो, क्यों पाप में तुम पड़े हो (2)
जिद छोड़ कर आज अपनी, अपना लो कुछ जिन्दगी में (2)
किधर
"जब यह पंक्ति आती है — “नदी” — तो यूहन्ना 7:38 याद आता है। उसके हृदय से जीवन के जल की नदियाँ बह निकलेंगी।"
"जब गीत कहता है — “लहू” — तो यूहन्ना 19:34 याद आता है। तुरन्त लोहू और पानी निकल आया।"
"और जब कहा जाता है — “जिन्दगी” — तो यूहन्ना 10:10 दिल में आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएँ।"
"यह गीत किधर जा रहे हो और नदी में गोता लगाने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे नदी पास आ गई हो।"
"गन्दगी, कलवरी, और प्यासे — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब किधर जा रहे हो तो ध्यान दो और गोता लगाओ।"
"नदी में गन्दगी नहीं और डूबने से दिखती नहीं।"
"कलवरी से बही और लहू से भरी।"
"आज भी बह रही है गोता लगा कर देखो।"
"सीख यह है कि जिन्दगी अपना लो।"
"इस भजन के शब्द किधर को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही नदी की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को लहू और जिन्दगी की ओर खींचती है।"
"इस गीत को ईस्टर में रखने वाले सबको दिल से धन्यवाद। 🙏"
"Thank you for a song that calls us to dive into the river of life. ❤️"
Ghayal Hua Ghayal Hua
घायल हुआ घायल हुआ