यीशु सलीब पर मरा, तेरे लिए मेरे लिए
कैसा महान दुःख सहा, तेरे लिए मेरे लिए (2)
पद 1
नदियां वो कैसी खून की, ख्रीष्ट के क्रूस से बह गई (2)
धुल गये पाप, मिट गये दाग (2) यीशु ख्रीष्ट के लहू से
यीशु सलीब
पद 2
धो डालो आज पापों को, दिल से मिटा दो दागों को (2)
हो जाओ साफ तन मन से आज (2) यीशु ख्रीष्ट के लहू से (2)
यीशु सलीब
पद 3
मारा गया था क्रूस पर, छेदा गया था क्रूस पर (2)
मैं भी बचा और तुम भी बचो (2) यहोवा की सजाओं से
यीशु सलीब
"जब यह पंक्ति आती है — “सलीब पर मरा” — तो यूहन्ना 19:30 याद आता है। जब यीशु ने वह सिरका लिया, तो कहा, पूरा हुआ।"
"जब गीत कहता है — “धुल गये पाप” — तो 1 यूहन्ना 1:7 याद आता है। उसके पुत्र यीशु का लहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।"
"और जब कहा जाता है — “छेदा गया था क्रूस पर” — तो यशायाह 53:5 दिल में आता है। वह हमारे अपराधों के कारण बेधा गया।"
"यह गीत सलीब पर मरे यीशु का है, तेरे लिए और मेरे लिए।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे क्रूस पास आ गया हो।"
"खून की नदियां, दाग मिटना, और सजा से बचना — यही इस गीत की गहराई है।"
"दुःख तेरे और मेरे लिए सहा गया।"
"लहू दाग धोता है।"
"सीख सीधी है — आज धो डालो, और बचो।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने सलीब को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो