यीशु मेरा चरवाहा मैं उसका गुण गाता हूँ
छोटी उसकी भेड़ उसके पीछे जाता हूँ
पद 1
हरियाली चारागाह मुझे चराता है
और निर्मल स्रोतों से मुझे पिलाता है
वह आगे-आगे चलता है, रक्षा भी करता जाता है
उसकी मधुर वाणी से मैं तृप्त हो जाता हूँ
यीशु मेरा
पद 2
मौत की घाटी से मुझे ले चलता है
जंगल के खतरों से मुझे बचाता है
वह मलहम पट्टी करता है ढाढ़स भी मुझे देता है
उसकी प्रेम-सेवा से मैं आनन्द पाता हूँ
यीशु मेरा
पद 3
दुश्मन के सामने वह मेज बिछाता है
वह पाक पवित्र, करता है आत्मा का दान देता है
उसकी रोज सहायता से जय पाता जाता हूँ
"जब यह पंक्ति आती है — “उसके पीछे जाता हूँ” — तो यूहन्ना 10:27 याद आता है। मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं।"
"जब गीत कहता है — “मौत की घाटी” — तो भजन संहिता 23:4 याद आता है। चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी घाटी में होकर चलूँ, तौभी हानि से न डरूँगा।"
"और जब कहा जाता है — “मेज बिछाता है” — तो भजन संहिता 23:5 दिल में आता है। तू मेरे शत्रुओं के सामने मेरे लिये मेज बिछाता है।"
"यह गीत छोटी भेड़ का है जो चरवाहे के पीछे चलती है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे वाणी पास आ गई हो।"
"चारागाह, घाटी, और मेज — यही इस गीत की गहराई है।"
"चरवाहा आगे चलता है।"
"घाटी में भी ढाढ़स है।"
"सीख सीधी है — छोटी भेड़ बनकर पीछे चलो।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने चरवाहे के पीछे चलने को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो