यीशु के लोहू की जय, जय, जय, यीशु के लोहू की जय
पद 1
यीशु ने किया प्रेम मुझसे, लोहू बहा दिया मेरे बदले
पद 2
यीशु का लोहू मुझे शुद्ध है करता, आत्मा शान्ति मुझे दिल में देता
पद 3
यीशु का लोहू मुझे प्रेम है देता, प्रेम से भरा हुआ जीवन देता
पद 4
यीशु का लोहू सच्ची भक्ति देता, दर्शन पिता का है मुझे देता
पद 5
यीशु का लोहू सच्ची शक्ति देता, बोझ गुनाह का है दूर वह करता
पद 6
यीशु ने मुझको कीच से खींचा, जीवन के पौधे को जल से सींचा
पद 7
यीशु ने मुझे अपनी शान्ति दे दी, मन में मेरे अपनी खुशी भर दी
पद 8
भाईयों और बहनों, सब बोलो मिलकर
लड़कों और बच्चों सब गाओ मिलकर
"जब यह पंक्ति आती है — “लोहू की जय” — तो प्रकाशितवाक्य 12:11 याद आता है। उन्होंने मेम्ने के लहू के कारण उस पर जय पाई।"
"जब गीत कहता है — “शुद्ध है करता” — तो इब्रानियों 9:14 याद आता है। मसीह का लहू तुम्हारे विवेक को मरे हुए कामों से क्यों न शुद्ध करेगा।"
"और जब कहा जाता है — “कीच से खींचा” — तो भजन संहिता 40:2 दिल में आता है। उसने मुझे नाश के गड़हे से, और दलदल की कीच से निकाल लिया।"
"यह गीत लोहू की जय का है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे जय पास आ गई हो।"
"शुद्धि, भक्ति, और कीच से खींचना — यही इस गीत की गहराई है।"
"लोहू शुद्ध करता है।"
"बोझ दूर करता है।"
"सीख सीधी है — मिलकर जय बोलो।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने लोहू की जय को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो