यीशु जी मेरी नइया के खेवनहार (2)
भव सागर में नाव फँसी थी, आपने कर दी पार
पद 1
मन में बसी है सूरत आपकी (2)
फिर भी दिखे न मूरत आपकी
दर्शन दो एक बार
यीशु जी
पद 2
देर भले अंधेर नहीं है (2)
सबकी आपने टेर सुनी है
जग के पालनहार, यीशु जी
पद 3
एक दयालु आप है जग में (2)
क्या से क्या कर दो एक पल में
हम सब है लाचार, यीशु जी
पद 4
आप हो निर्बल निर्धन के दाता (2)
हम सबके प्रभु भाग्य विधाता
सुनलो सबकी पुकार, यीशु जी
"जब यह पंक्ति आती है — “खेवनहार” — तो भजन संहिता 23:1 याद आता है। यहोवा मेरा चरवाहा है।"
"जब गीत कहता है — “नाव फँसी” — तो मत्ती 14:30 याद आता है। जब उसने आँधी को देखा तो डरा।"
"और जब कहा जाता है — “दर्शन” — तो निर्गमन 33:18 दिल में आता है। मुझे अपनी महिमा दिखा।"
"यह गीत नइया के खेवनहार और पार करने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे पार पास आ गया हो।"
"सूरत, टेर, और पुकार — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब खेवनहार हो तो फँसी नाव पार हो जाती है।"
"सूरत बसी है तो मूरत भी दिखे।"
"देर भले हो लेकिन अंधेर नहीं।"
"दयालु हो और निर्बल का दाता हो।"
"सीख यह है कि सबकी पुकार सुनो।"
"इस भजन के शब्द नइया को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही पार की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को दर्शन और पुकार की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से धन्यवाद। 🙏"
"Thank you for a song that calls the Captain of the boat. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो