15 October 2026✝ मसीही संगीत की दुनिया
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Yeshu Charan Kamal - यीशु चरण कमल

Yeshu Charan Kamal - यीशु चरण कमल
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यीशु चरण कमल बलिहारी रे

मेरे मन की दुबिया टारी रे

पद 1

भवसागर है नीर अपारा

डूब रहा नहि मिले किनारा

पल में लिया उबारी रे

मेरे मन की

पद 2

काम क्रोध मन लोभ लुटेर

जनम-जनम के बैरी मेरे

सबको दीन्हा मारी रे

मेरे मन की

पद 3

भेद-भाव सब दूर कराया

मेल-मिलाप सबको कराया

घट-घट जोत निहारी रे

मेरे मन की

पद 4

जोग जुगत हमें यीशु बताई

सारे जगत को शांति दिलाई रे

मानुष देह सुधारी रे

मेरे मन की

Bible Verse

"जब यह पंक्ति आती है — “चरण” — तो भजन संहिता 132:7 याद आता है। आओ, हम उसके निवास में प्रवेश करें।"

"जब गीत कहता है — “उबारी” — तो भजन संहिता 40:2 याद आता है। उसने मुझे दलदल की कीच से निकाला।"

"और जब कहा जाता है — “शांति” — तो यूहन्ना 14:27 दिल में आता है। मैं तुम्हें शान्ति दिए जाता हूँ।"

इतिहास

"यह गीत चरण कमल और मन की दुबिया टारी का गीत है।"

"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे चरण पास आ गया हो।"

"सागर, भेद, और शांति — यही इस गीत की गहराई है।"

गीत से सीख

"जब चरण कमल हो तो बलिहारी रे।"

"भवसागर में उबारी।"

"काम क्रोध लोभ को मारी।"

"भेद-भाव दूर और मेल-मिलाप।"

"सीख यह है कि शांति दिलाई।"

Writer & Singer, Thank You ❤️

"इस भजन के शब्द चरण को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही बलिहारी की याद आती है।"

"आपकी लेखनी लोगों को सागर और शांति की ओर खींचती है।"

"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"

"Thank you for a song of devotion at the lotus feet. ❤️"