यीशु आ घर दिल में तू बना, दिल मेरा सूना तेरे बिना
दुनियाँ में सच्ची खुशी नहीं, मुश्किल में है मेरी जिन्दगी
यीशु आ
पद 1
बेचैन दिल की पुकार है, तुझ बिन ये जीवन लाचार है (2)
तुझसे प्रभु मुझको आस है, तुझमें तो प्यार ही प्यार है (2)
तुझ बिन भलाई मेरी नहीं, प्रभु तेरे जैसा कोई नहीं (2)
पद 2
जीवन की हालत पे रो पडूँ, तू ही बता यीशु क्या करूँ (2)
दुनियाँ की खुशियाँ गम से भरी, धोखा ही धोखा है हर कहीं (2)
ठोकरे अब मैं न खाऊँगा, दुनियाँ में दिल न लगाऊँगा (2)
पद 3
तुझसे अलग जिन्दगी नहीं, तुझमें ही जीवन की हर खुशी (2)
अब मैं न जीवन गवाऊँगा, तेरे लिए ही मैं जिऊँगा (2)
जो भी खोया तुझमें मैं पाऊँगा, तुझमें मैं आनन्द मनाऊँगा (2)
यीशु आ
"जब यह पंक्ति आती है — “घर दिल में तू बना” — तो प्रकाशितवाक्य 3:20 याद आता है। देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ।"
"जब गीत कहता है — “तुझ बिन ये जीवन लाचार है” — तो यूहन्ना 15:5 याद आता है। मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।"
"और जब कहा जाता है — “तेरे लिए ही मैं जिऊँगा” — तो गलातियों 2:20 दिल में आता है। जो जीवन मैं अब शरीर में जीता हूँ, परमेश्वर के पुत्र पर विश्वास करने से जीता हूँ।"
"यह गीत सूने दिल में घर बनाने की पुकार है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे द्वार पास आ गया हो।"
"लाचारी, धोखा, और आनन्द — यही इस गीत की गहराई है।"
"उसके बिना दिल सूना है।"
"दुनियाँ की खुशी धोखा है।"
"सीख सीधी है — उसके लिए जीओ।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने दिल के घर को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो