15 October 2026✝ मसीही संगीत की दुनिया
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Yatri Hoon Main Jag Mein - यात्री हूँ मैं जग में

Yatri Hoon Main Jag Mein - यात्री हूँ मैं जग में
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यात्री हूँ मैं जग में प्रभु जी (2) चलता हूँ मार्ग मैं तेरा

वह निशान तू है यीशु जी बन्दरगाह तू मेरा (2)

पद 1

सोचा था मैं यह जग मेरा, खेस कुटुम्ब सब बहुत है प्यारा

धोखा सब कोई न सहारा, व्यर्थ ही व्यर्थ है सारा (2)

पद 2

धन दौलत सब मान व इज्जत, यही रहेगा जल जायेगा

यह जगत पाप से जो भरा, श्राप ही श्राप है सारा (2)

पद 3

ऐसा कर प्रभु अन्त मैं जानूं, और जानूं मेरी आयु के दिन को

अब बता कैसा अनित्य हूँ, खोदित हूँ मैं पूरा (2)

पद 4

जान गया मैं उस दिन प्रभु जी, बदला जीवन लहू से मेरा

बड़ा आनन्द तूने कहा था, पाप क्षमा हुआ तेरा (2)

पद 5

इस जग में अब मैं हूँ मुसाफिर, क्रूस उठाकर चलता रहूंगा

पाया मैं अनमोल धन को है जो यीशु से भरा (2)

पद 6

आँख जब मेरी बन्द हो जाये, यात्रा मेरी पूरी हो जाये

पहुँचू मैं स्वर्गीय वतन में, यह है गीत अब मेरा (2)

Bible Verse

"जब यह पंक्ति आती है — “यात्री हूँ मैं जग में” — तो इब्रानियों 11:13 याद आता है। उन्होंने मान लिया कि हम पृथ्वी पर परदेशी और यात्री हैं।"

"जब गीत कहता है — “व्यर्थ ही व्यर्थ है सारा” — तो सभोपदेशक 1:2 याद आता है। व्यर्थ ही व्यर्थ, सभोपदेशक कहता है, व्यर्थ ही व्यर्थ, सब कुछ व्यर्थ है।"

"और जब कहा जाता है — “स्वर्गीय वतन” — तो फिलिप्पियों 3:20 दिल में आता है। हमारा स्वदेश स्वर्ग पर है।"

इतिहास

"यह गीत जग के यात्री का है, जिसका बन्दरगाह यीशु है।"

"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे वतन पास आ गया हो।"

"व्यर्थ जग, लहू से बदला जीवन, और स्वर्गीय गीत — यही इस गीत की गहराई है।"

गीत से सीख

"जग व्यर्थ है, मार्ग उसका है।"

"लहू से जीवन बदलता है।"

"सीख सीधी है — मुसाफिर बनकर क्रूस उठाओ।"

Writer & Singer, Thank You

"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने यात्री की राह को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."