तुम मेरे ही जैसे बन जाओगे ×2
पीओगे लहू और बदन खाओगे ×2
पद 1
होगा मुकम्मल साथ हमारा
छोड़ूंगा न मैं, हाथ तुम्हारा ×2
दृढ़ता और स्थिरता में बन जाओगे
पीओगे लहू और बदन खाओगे ×2
तुम मेरे ही जैसे बन जाओगे...
पद 2
जो स्वर्ग से उतरी, वो रोटी हूँ मैं
जो जीवन है देती, वो ज्योति हूँ मैं ×2
वचनों पे मेरे तुम चल पाओगे
पीओगे लहू और बदन खाओगे ×2
तुम मेरे ही जैसे बन जाओगे...
पद 3
मैं अल्फा-ओमेगा, मैं जीवन का पानी
जो मुझसे पीये वो, रहे फिर न खाली ×2
मेरे गुणों से तुम भर जाओगे
पीओगे लहू और बदन खाओगे ×2
तुम मेरे ही जैसे बन जाओगे
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो