तारीफ करने से महिमा करने में (2)
आनन्द मिलता है, आनन्द मिलता है (2)
पद 1
सच्चे दिल से जब हम महिमा करते हैं
सच है मसीह यीशु से बातें करते हैं (2)
रूह में भरने से खुदा से बातें करने से (2)
आनन्द मिलता
पद 2
खुशबू तो यीशु है, मेरे जो रूब:
पर नजर नहीं आता, है कैसा गुप्त तू (2)
उसे दिल में बसाने से, उसके घर जाने में (2)
आनन्द मिलता
पद 3
ताली मिलके बजाओ आज, महिमा उसकी गाओ आज
जो जानते नहीं उनको ये बतलाओ आज (2)
फिर साज बजाने से और मिलकर गाने से (2)
आनन्द मिलता
"जब यह पंक्ति आती है — “महिमा” — तो भजन संहिता 29:2 याद आता है। यहोवा के नाम की महिमा करो।"
"जब गीत कहता है — “आनन्द” — तो यूहन्ना 15:11 याद आता है। ये बातें मैंने तुमसे इसलिये कहीं कि मेरा आनन्द तुम में बना रहे।"
"और जब कहा जाता है — “खुशबू” — तो 2 कुरिन्थियों 2:15 दिल में आता है। हम मसीह की सुगन्ध हैं।"
"यह गीत तारीफ करने से आनन्द मिलने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे आनन्द पास आ गया हो।"
"दिल, खुशबू, और ताली — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब तारीफ करो तो महिमा करने में आनन्द मिलता है।"
"सच्चे दिल से महिमा करो और बातें करो।"
"खुशबू दिल में बसाने से आनन्द।"
"ताली बजाओ और बतलाओ।"
"सीख यह है कि साज बजाने से आनन्द।"
"इस भजन के शब्द तारीफ को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही आनन्द की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को महिमा और खुशबू की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that finds joy in praise and glory. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो