सुनिये अर्ज महराज रे, राखो मेरी लाज
दया करो और कष्ट मिटा दो, मन को कीजो साफ
विनती सुनले यीशु प्यारे, मोहि संग रखो महराज
अब तुम राखो मेरी लाज, प्रभु तुम राखो मेरी लाज (2)
पद 1
विनती करूँ तुम से कर जोरी, अब तुम विनती सुनलो मोरी
मोहि आशा लग रही तोरी (2) दर्शन दिखा दो आज
विनती सुनो मेरी महराज
पद 2
तुम्ही हमारे नैनों के तारे, मन के प्यारे दिल के दुलारे
तुम्ही हमारे तारणहारे (2) हमारे तुम सरताज
विनती सुनो मेरी महराज
पद 3
आपका मैं सदा कहलाऊँ, आश लगी तेरे दर्शन पाऊँ
युग-युग आपका मैं गुण गाऊँ (2) मेरे गरीब नवाज
विनती सुनो मेरी महराज
"जब यह पंक्ति आती है — “राखो मेरी लाज” — तो भजन संहिता 25:20 याद आता है। मेरी रक्षा कर और मुझे छुड़ा ले।"
"जब गीत कहता है — “दर्शन दिखा दो” — तो निर्गमन 33:18 याद आता है। मुझे अपनी महिमा दिखा।"
"और जब कहा जाता है — “तारणहारे” — तो भजन संहिता 68:20 दिल में आता है। परमेश्वर हमारे लिये उद्धार का परमेश्वर है।"
"यह गीत लाज रखने और दर्शन दिखाने की विनती है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे लाज पास आ गई हो।"
"कष्ट, नैन, और गुण — यही इस गीत की गहराई है।"
"विनती सुनो, लाज रखो।"
"नैनों के तारे और तारणहारे हो।"
"सीख सीधी है — युग-युग गुण गाओ।"
"इस भजन के शब्द विनती को इतनी गहरी हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही लाज की प्रार्थना उठती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को दर्शन और तारणहारे की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से धन्यवाद। 🙏"
"Thank you for a song that pleads for mercy and sight of the Lord. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो