सुन के हम पापिन की पुकार जगत में आया पालनहार (2)
पद 1
जब हम गुनाह में डूब रहे थे (2) हमको बचाया पालनहार (2)
पद 2
अन्धकार में भटक रहे थे (2) ज्योति दिखाया पालनहार (2)
पद 3
रास्ते में जब हम भूल रहे थे (2) मार्ग बताया पालनहार (2)
पद 4
चिंता में घुट ही रहे थे (2) शांति दिलाया पालनहार (2)
पद 5
पापों में घिर हुए थे (2) मुक्ति दिलाया पालनहार (2)
"जब यह पंक्ति आती है — “पुकार” — तो भजन संहिता 34:17 याद आता है। धर्मी दुःख उठाते हैं और यहोवा सुनता है।"
"जब गीत कहता है — “ज्योति दिखाया” — तो यूहन्ना 8:12 याद आता है। जगत की ज्योति मैं हूँ।"
"और जब कहा जाता है — “मुक्ति दिलाया” — तो लूका 19:10 दिल में आता है। मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूँढ़ने और उनका उद्धार करने आया है।"
"यह गीत पापिन की पुकार सुनकर आए पालनहार का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे शांति पास आ गई हो।"
"गुनाह, ज्योति, और मुक्ति — यही इस गीत की गहराई है।"
"पुकार सुनकर वह आया।"
"भटके को मार्ग दिखाता है।"
"सीख सीधी है — घिरे हुए को मुक्ति मिलती है।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने पालनहार को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो