शुकर करो रब का, वो जो मालिक है सबका (3)
सब उसकी तारीफे गाओ (3)
आओ उसकी हुजूरी में आओ
शुकर करो
पद 1
नामे मुकद्दस पाक यहोवा है
उसको जो चाहता है शादमान होता है (2)
दीदार उसका जागरूक होता है
खुशियों से भरता है, कूबत वो देता है
हैं उसके काम निराले (2)
है उसका प्यार अनोखा
शुकर करो
पद 2
वो ही खुदावन्द है खुदा वो हमारा है
हाथों से अपने उसने सब कुछ बनाया है (2)
अपने इरादों को वो याद रखता है
और अपने वादों को पूरा वो करता है
उसने जो भी फरमाया (2) वो करके है दिखलाया
शुकर करो
"जब यह पंक्ति आती है — “शुकर” — तो भजन संहिता 107:1 याद आता है। यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है।"
"जब गीत कहता है — “मालिक” — तो भजन संहिता 24:1 याद आता है। पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा का है।"
"और जब कहा जाता है — “वादों” — तो 2 कुरिन्थियों 1:20 दिल में आता है। परमेश्वर की जितनी प्रतिज्ञाएँ हैं वे सब मसीह में हाँ हैं।"
"यह गीत शुकर करने और तारीफे गाने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे हुजूरी पास आ गई हो।"
"नाम, दीदार, और वादे — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब शुकर करो तो मालिक सबका है।"
"नाम मुकद्दस है और शादमान होता है।"
"खुशियों से भरता है और कूबत देता है।"
"हाथों से सब बनाया और वादे पूरे करता है।"
"सीख यह है कि हुजूरी में आओ।"
"इस भजन के शब्द शुकर को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही तारीफ की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को नाम और वादों की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song of thanksgiving to the Lord. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो