सब बेटे तुम्हें पुकार रहे, यीशु आ जाओ (2)
पद 1
हम तो हैं पापों के सताये (2)
पापों की मुक्ति दे जाओ (2)
पद 2
हम तो हैं शैतान के सताये (2)
शैतानों से छुटकारा दे जाओ (2)
पद 3
नैया मेरी पड़ी भवर में (2)
आ के पार लगा जाओ (2)
पद 4
हम तो हैं गली-गली में भटके (2)
आ के राह दिखा जाओ (2)
पद 5
हम ने बहुत गुनाह किये हैं (2)
गुनाहों की माफी दे जाओ (2)
"जब यह पंक्ति आती है — “पुकार” — तो भजन संहिता 34:6 याद आता है। इस दीन ने पुकारा और यहोवा ने सुना।"
"जब गीत कहता है — “मुक्ति” — तो रोमियों 8:2 याद आता है। जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मुझे स्वतंत्र कर दिया।"
"और जब कहा जाता है — “पार” — तो भजन संहिता 107:30 दिल में आता है। वह उन्हें मनचाही बन्दरगाह में पहुँचाता है।"
"यह गीत पुकार रहे और आ जाओ का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे आ जाओ पास आ गया हो।"
"पाप, शैतान, और माफी — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब पुकार रहे हो तो आ जाओ।"
"पापों के सताये तो मुक्ति दे जाओ।"
"शैतान के सताये तो छुटकारा दे जाओ।"
"भवर में नैया तो पार लगा जाओ।"
"सीख यह है कि राह दिखा जाओ और माफी दे जाओ।"
"इस भजन के शब्द पुकार को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही आने की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को मुक्ति और माफी की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song of sons calling for Jesus to come. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो