रब्ब की होवे सना हमेशा, रब्ब की होवे सना हमेशा (2)
पद 1
रब्ब की होवे मदद सराई (2) उसके नाम की सना (2)
पद 2
रब्ब के घर में होवे सिताइश (2) उसकी हुम्द-ओ-सना
पद 3
कामों में है वह कैसा कादिर (2) उसकी कुदरत बता
पद 4
जय के जोर से फूंको नरसिंगे (2) बर्बत-वीणा बजा
पद 5
तारदार साजों पे रागिनी छेड़ो (2) डफ और तबले बजा
पद 6
बांसुरी पर सुना सुरें सुरीली (2) झन-झन झांझ बजा
पद 7
सारे मिलकर ताली बजाओ (2) गाओ रब्ब की सना
"जब यह पंक्ति आती है — “सना हमेशा” — तो भजन संहिता 150:6 याद आता है। जितनों में श्वास है, वे सब यहोवा की स्तुति करें।"
"जब गीत कहता है — “नरसिंगे” — तो भजन संहिता 150:3 याद आता है। नरसिंगे फूंककर उसकी स्तुति करो।"
"और जब कहा जाता है — “ताली बजाओ” — तो भजन संहिता 47:1 दिल में आता है। हे राज्य राज्य के लोगों, ताली बजाओ।"
"यह गीत रब्ब की सना का है, साज और ताली के साथ।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे सना पास आ गई हो।"
"नरसिंगा, बांसुरी, और ताली — यही इस गीत की गहराई है।"
"सना हमेशा होवे।"
"घर में सिताइश हो।"
"सीख सीधी है — मिलकर गाओ।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने सना को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो