प्रार्थना में जो कुछ माँगा, पूरा करो अरमान
सारी खताएं मानता हूँ, तेरा करुं अब ध्यान
पद 1
दिल में धीमी आवाज आयी, अपने गुनाहों को मान
जान लिया मैंने आवाज उसकी, जिसका किया अपमान
सारी खताएं मानता हूँ
पद 2
ईमान लाए जो तुझपे मसीहा, आये हैं तुम्हारे पास
माफ करो अब पाप हमारे, कर दो लहू से साफ
सारी खताएं मानता हूँ
"जब यह पंक्ति आती है — “प्रार्थना” — तो फिलिप्पियों 4:6 याद आता है। प्रार्थना और विनती के द्वारा अपनी माँगें परमेश्वर के सामने रखो।"
"जब गीत कहता है — “खताएं” — तो 1 यूहन्ना 1:9 याद आता है। यदि हम अपने पापों को मान लें।"
"और जब कहा जाता है — “लहू से” — तो 1 यूहन्ना 1:7 दिल में आता है। उसके पुत्र यीशु का लहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।"
"यह गीत प्रार्थना में माँगने और खताएं मानने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे अरमान पास आ गया हो।"
"आवाज, ईमान, और साफ — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब प्रार्थना में माँगो तो अरमान पूरा करो।"
"खताएं मानो और ध्यान करो।"
"धीमी आवाज आयी और गुनाहों को माना।"
"ईमान लाओ और लहू से साफ करो।"
"सीख यह है कि सारी खताएं मानता हूँ।"
"इस भजन के शब्द प्रार्थना को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही अरमान की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को खताएं और साफ की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song of confession and answered prayer. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो