प्रभु यीशु मसीह से दिल जोरो, गई उमरिया दिन थोरो (2)
पद 1
दुनिया, दौलत माल-खजाना, करत फिरत मोरो-मोरो, गई
पद 2
पाप की नदिया गहरी बह रही, धरम की नईया न टोरो, गई
पद 3
यीशु मसीहा सबके प्यारे, करिया होवे चाहे गोरो, गई
पद 4
भेद भाव अब घड़ा में नहिया, पुराना होवे चाहे कोरो, गई
पद 5
दास तुम्हारे की अरज है सबसे, रस में विष न घोरो, गई
"जब यह पंक्ति आती है — “गई उमरिया दिन थोरो” — तो याकूब 4:14 याद आता है। तुम्हारा जीवन भाप के समान है।"
"जब गीत कहता है — “पाप की नदिया” — तो रोमियों 6:23 याद आता है। पाप की मजदूरी तो मृत्यु है।"
"और जब कहा जाता है — “सबके प्यारे” — तो यूहन्ना 3:16 दिल में आता है। परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा।"
"यह गीत थोरी उमरिया में दिल जोड़ने की पुकार है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे नईया पास आ गई हो।"
"दौलत, भेद भाव, और रस — यही इस गीत की गहराई है।"
"उमरिया थोरी है, दिल जोड़ो।"
"भेद भाव पुराना है।"
"सीख सीधी है — रस में विष मत घोलो।"
"इस भजन के शब्द थोरी उमरिया को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही दिल जुड़ने लगता है।"
"आपकी लेखनी लोगों को दौलत और भेद भाव छोड़कर मसीह की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से धन्यवाद। 🙏"
"Thank you for a song that calls us to join our hearts while time remains. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो