प्रभु तेरे चरणों को पग छूल जो मिल जाये (2)
सच कहता हूँ प्रभु जी जीवन ही सम्भल जाये
पद 1
प्रभु तेरे चरणों को मेरे नैन तरसते है (2)
करुणा की जो तेरी एक बूँद जो मिल जाये
सच कहता हूँ प्रभु जी
पद 2
नजरों से गिराना ना, चाहे जितनी सजा देना (2)
कर्मों से जो गिर जाऊँ, हम शरण तेरी आये
सच कहता हूँ प्रभु जी
पद 3
प्रभु आना दुनिया में, तो दर्शन हमें देना (2)
मेरे पाप क्षमा कर दो तेरी ज्योति चमक जाये
सच कहता हूँ प्रभु जी
पद 4
प्रभु इस पापी की बस एक तमन्ना है (2)
जब सामने हो तेरे, बस दम ही निकल जाये
सच कहता हूँ प्रभु जी
"जब यह पंक्ति आती है — “चरणों को” — तो भजन संहिता 132:7 याद आता है। आओ, हम उसके निवास में प्रवेश करें, उसके चरणों की चौकी के सामने दण्डवत् करें।"
"जब गीत कहता है — “करुणा की बूँद” — तो भजन संहिता 51:1 याद आता है। हे परमेश्वर, अपनी करुणा के अनुसार मुझ पर दया कर।"
"और जब कहा जाता है — “शरण” — तो भजन संहिता 46:1 दिल में आता है। परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है।"
"यह गीत चरणों को छूने और जीवन सम्भलने की प्रार्थना है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे चरण पास आ गए हों।"
"नैन, सजा, और ज्योति — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब चरण छू जाएँ तो जीवन सम्भल जाता है।"
"नैन तरसते हैं और करुणा की एक बूँद काफी है।"
"गिर जाएँ तो भी शरण में आ जाओ।"
"दर्शन दो और पाप क्षमा करो।"
"सीख यह है कि सामने हो तो दम निकल जाए।"
"इस भजन के शब्द चरणों को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही छूने की इच्छा जागती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को करुणा और शरण की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that longs to touch His feet. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो