पवित्र अति पवित्र स्थान में है चल प्रभु
मुझको तू अपने लहू से धो दे मेरे प्रभु
तेरे सामने झुकते हैं, सज्जदा हम करते हैं
आत्मा और सच्चाई से आराधना करते हैं
पद 1
शुद्ध जल तू छिड़क दे, मन को मेरे बदल दे (2)
प्रार्थना है हमारी, आत्मा से तू भर दे (2)
पद 2
जितना मैं तुझको जानूँ, उतना करीब आऊँ (2)
जितना मैं तुझको चाहूँ उतनी ही आशीष पाऊँ (2)
"जब यह पंक्ति आती है — “लहू से धो दे” — तो 1 यूहन्ना 1:7 याद आता है। उसके पुत्र यीशु का लहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।"
"जब गीत कहता है — “आत्मा और सच्चाई से” — तो यूहन्ना 4:24 याद आता है। परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसकी आराधना करने वाले आत्मा और सच्चाई से आराधना करें।"
"और जब कहा जाता है — “शुद्ध जल तू छिड़क दे” — तो यहेजकेल 36:25 दिल में आता है। मैं तुम पर शुद्ध जल छिड़कूँगा।"
"यह गीत पवित्र स्थान में चलने और लहू से धोए जाने की प्रार्थना है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे सज्जदा पास आ गया हो।"
"जल, आत्मा, और आशीष — यही इस गीत की गहराई है।"
"लहू से धोए जाने की जरूरत है।"
"जितना जानो, उतना करीब आओ।"
"सीख सीधी है — आत्मा और सच्चाई से आराधना करो।"
"इस भजन के शब्द पवित्र स्थान को इतनी गहरी हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही झुकने की इच्छा जागती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को लहू से धोए जाने और आत्मा से भरने की प्रार्थना सिखाती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that leads us into holy worship. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो