ओ मेरे खुदा (2) मैंने सदा तेरा नाम लिया
मैंने जो भी माँगा तूने मुझको दिया, ओ मेरे खुदा
पद 1
ना ये आसमां माँगा हमने, न जमीं माँगी हमने
ना ये चाँद सितारे माँगे थे, और न हवा माँगी हमने (2)
बिना माँगे तूने हमें सब कुछ दिया
पद 2
एक फूल खिला है गुलशन में, एक आस बंधी है जीवन में
तेरे आने से ऐ यीशु, आबाद हुआ है आँगन ये (2)
तू नहीं था जीवन में कुछ भी न था
पद 3
बस एक दुआ माँगे मिलके, हम तेरे दर से ऐ मालिक
हम फूल हैं जितने गुलशन के, हर मौसम में मेहक मिलके (2)
महका न जो फूल वो फूल ही क्या
"जब यह पंक्ति आती है — “नाम लिया” — तो भजन संहिता 145:2 याद आता है। मैं हर दिन तेरी स्तुति करूँगा।"
"जब गीत कहता है — “माँगा” — तो मत्ती 7:7 याद आता है। माँगो तो तुम्हें दिया जाएगा।"
"और जब कहा जाता है — “फूल” — तो भजन संहिता 103:15 दिल में आता है। मनुष्य की आयु घास के समान है।"
"यह गीत नाम लेने और माँगने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे खुदा पास आ गया हो।"
"आसमां, फूल, और मेहक — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब नाम लिया तो जो माँगा दिया।"
"बिना माँगे सब कुछ दिया।"
"आने से आँगन आबाद हुआ।"
"फूल हैं तो मेहक मिलके।"
"सीख यह है कि महका न जो फूल वो फूल ही क्या।"
"इस भजन के शब्द खुदा को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही नाम की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को माँगने और फूल की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song of asking and receiving from God. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो