ओ मेरा उठना बैठना (2) चलना तुझे भाता रहे
मेरे जीवन में यीशु तेरा नाम (2) जलात पाता रहे (2)
पद 1
जिन्दगी भर तेरे गीत गाता रहूँ (4)
तू सुनता रहे मैं सुनाता रहूँ
जब गीत मैं गाऊँ, तेरा रूह भी आता रहे
जब गीत मैं गाऊँ (2)
ओ मेरा उठना बैठना
पद 2
हर तरफ तेरा मंजर नजर आ रहा है (2)
वो मेरे ओठो पे तेरा ही नाम आ रहा है (2)
जिसने भी तुझे पुकारा, तेरी सूरत में डलता गया (2)
ओ मेरा उठना बैठना
पद 3
बेशिमाल है तू मैं मिशाल बनूँ (2)
तू कामिल है मैं भी कमाल बनूँ (2)
दुनियाँ का नूर है यीशु, मेरी राहें सजाता रहे (2)
ओ मेरा उठना बैठना
"जब यह पंक्ति आती है — “उठना बैठना” — तो भजन संहिता 139:2 याद आता है। तू मेरे उठने बैठने को जानता है।"
"जब गीत कहता है — “गीत गाता” — तो भजन संहिता 96:1 याद आता है। यहोवा के लिये नया गीत गाओ।"
"और जब कहा जाता है — “नूर” — तो यूहन्ना 8:12 दिल में आता है। मैं जगत की ज्योति हूँ।"
"यह गीत उठना बैठना और नाम जलात पाने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे नाम पास आ गया हो।"
"गीत, मंजर, और नूर — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब उठना बैठना भाता रहे तो नाम जलात पाता रहे।"
"जिन्दगी भर गीत गाओ।"
"हर तरफ मंजर नजर आए और ओठों पर नाम आए।"
"बेशिमाल हो तो मिशाल बनो।"
"सीख यह है कि नूर राहें सजाता रहे।"
"इस भजन के शब्द उठना बैठना को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही नाम की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को गीत और नूर की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that makes every moment His. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो