मेरी जिन्दगी बस तू ही है, मेरी बन्दगी बस तू ही है
मेरी आरजू बस तू ही है, मेरी जुस्तजू बस तू ही है
पद 1
तूने कोड़े खाये हैं बस, यीशु मेरे लिये
पवित्र लहू बहाया है बस, यीशु मेरे लिये (2)
मैं जिऊँगा बस तेरे लिये, मैं मरूँगा बस तेरे लिये
मेरी जिन्दगी
पद 2
तेरे प्यार की ये तलब है, मेरी रूह भी तुझमें मगन है
तेरी कुर्बानियों को देखकर, मैंने तुझको है पा लिया
मेरा एतबार तुझसे ही है, तेरे प्यार में बस खो जाऊं मेरी जिन्दगी
"जब यह पंक्ति आती है — “तू ही है” — तो फिलिप्पियों 1:21 याद आता है। मेरे लिये जीवित रहना मसीह है।"
"जब गीत कहता है — “कोड़े” — तो यशायाह 53:5 याद आता है। उसके कोड़े खाने से हम चंगे हुए।"
"और जब कहा जाता है — “लहू” — तो इब्रानियों 9:22 दिल में आता है। बिना लहू बहाए क्षमा नहीं होती।"
"यह गीत जिन्दगी बस तू ही है और बन्दगी का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे जिन्दगी पास आ गई हो।"
"कोड़े, प्यार, और एतबार — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब जिन्दगी बस तू ही है तो बन्दगी भी।"
"कोड़े खाये और लहू बहाया।"
"जिऊँगा और मरूँगा तेरे लिये।"
"प्यार की तलब और एतबार।"
"सीख यह है कि खो जाऊं।"
"इस भजन के शब्द जिन्दगी को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही तू ही की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को कोड़े और प्यार की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that says my life is only You. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो