मान मेरा कहना नहीं तो पछतायेगा
मिट्टी का खिलौना मिट्टी मिट्टी में मिल जायेगा (2)
पद 1
सुन्दर रूप देखकर भूला (2) धन और जवानी के मद में भूला (2)
एक दिन हंसा अकेला उड़ जायेगा, मिट्टी का
पद 2
माता-पिता सुत बन्धु नारी (2) यारी दोस्त कुटुम परिवारी (2)
एक दिन नाता सभी से छूट जायेगा, मिट्टी का
पद 3
मखमल गद्दे रेशम साड़ी (2) माल खजाना महल अटारी (2)
सूट-बूट हैट सब यही छूट जायेगा, मिट्टी का
पद 4
हीरा सा जन्म गंवाई दियो सोय-सोय (2)
फिर पछताये दिवाने मान रोय-रोय (2)
कहे यीशु ऐसा जन्म नहीं पायेगा, मिट्टी का
"जब यह पंक्ति आती है — “मिट्टी का खिलौना” — तो उत्पत्ति 3:19 याद आता है। तू मिट्टी है, और मिट्टी ही में फिर मिल जाएगा।"
"जब गीत कहता है — “नाता सभी से छूट” — तो भजन संहिता 49:17 याद आता है। वह मरने पर कुछ भी न ले जाएगा।"
"और जब कहा जाता है — “ऐसा जन्म नहीं पायेगा” — तो यूहन्ना 3:3 दिल में आता है। यदि कोई नये सिरे से न जन्मे, तो वह परमेश्वर का राज्य देख नहीं सकता।"
"यह गीत मिट्टी के खिलौने जैसी जिन्दगी की चेतावनी है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे पछतावा पास आ गया हो।"
"रूप, नाता, और जन्म — यही इस गीत की गहराई है।"
"रूप और जवानी टिकते नहीं।"
"नाते और माल छूट जाते हैं।"
"सीख सीधी है — मान लो, नहीं तो पछताओगे।"
"इस भजन के शब्द मिट्टी के खिलौने को इतनी साफ हिंदी में दिखाते हैं कि सुनते ही सोचने पर मजबूर हो जाते हैं।"
"आपकी लेखनी लोगों को हीरा जैसे जन्म को व्यर्थ न गंवाने की चेतावनी देती है।"
"इस गीत को आराधना में डालने वाले सबको दिल से धन्यवाद। 🙏"
"Thank you for a song that warns us before it is too late. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो