ले चल मेरी आत्मा को तू, कैसे कठिन रास्ते हैं (2)
पद 1
तेरा ही तो प्रेम है, आया इस जहाँन में
तेरा ही इन्तजार है, लेकिन मसीह से प्यार है
ले चल
पद 2
उद्धार, मुक्ति केवल यीशु में
मिलेगी आज हमें भी, तेरा इन्तजार है
लेकिन मसीह से प्यार है
ले चल
"जब यह पंक्ति आती है — “आत्मा को” — तो भजन संहिता 23:3 याद आता है। वह मेरे प्राण को बहाल करता है।"
"जब गीत कहता है — “प्रेम” — तो यूहन्ना 3:16 याद आता है। परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा।"
"और जब कहा जाता है — “मुक्ति” — तो प्रेरितों के काम 4:12 दिल में आता है। स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई नाम नहीं दिया गया।"
"यह गीत आत्मा को ले चलने और कठिन रास्तों का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे ले चल पास आ गया हो।"
"प्रेम, इन्तजार, और मुक्ति — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब कठिन रास्ते हों तो आत्मा को ले चलो।"
"प्रेम आया और इन्तजार है।"
"उद्धार और मुक्ति केवल यीशु में।"
"सीख यह है कि मसीह से प्यार है।"
"इस भजन के शब्द आत्मा को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही ले चलने की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को प्रेम और मुक्ति की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that leads the soul through hard paths. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो