खुदा की मोहब्बत से मामूर होकर
मसीहा उतर आया है नूर होकर
पद 1
वो आया है अपने ही वादे की खातिर
लिया जन्म उसने कुँवारी से आखिर (2)
मुशीर और मालिक, अब्दियत वही है
सलामती का भी शहजादा वही है
जहाँ की खुशी का ठिकाना नहीं है
किसी दिल में गम का तराना नहीं है
खुदा की मोहब्बत
पद 2
दोबारा वो आयेगा, आदिल बनेगा
वो गम के दिल को मुनावर करेगा (2)
हुजूर उसकी तब शादमानी रहेगी
खुशी वो बड़ी आसमानी रहेगी (2)
नई सल्तनत का वो राजा बनेगा
सदा तक से तख्त को सम्भाले रहेगा
खुदा की मोहब्बत
"जब यह पंक्ति आती है — “कुँवारी से” — तो लूका 1:34-35 याद आता है। यह कैसे होगा, मैं तो पुरुष को नहीं जानती।"
"जब गीत कहता है — “दोबारा वो आयेगा” — तो प्रेरितों के काम 1:11 याद आता है। जैसे तुमने उसे स्वर्ग पर जाते देखा, वैसे ही वह फिर आएगा।"
"और जब कहा जाता है — “नई सल्तनत” — तो प्रकाशितवाक्य 21:1 दिल में आता है। मैंने नया आकाश और नई पृथ्वी देखी।"
"यह गीत मोहब्बत से उतर आने और दोबारा आने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे नूर पास आ गया हो।"
"वादे, शहजादा, और सल्तनत — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब मोहब्बत से उतर आया तो वादे की खातिर आया।"
"कुँवारी से जन्म लिया और वही शहजादा है।"
"दोबारा आयेगा और गम के दिल को मुनावर करेगा।"
"नई सल्तनत का राजा बनेगा।"
"सीख यह है कि खुदा की मोहब्बत से नूर होकर आया।"
"इस भजन के शब्द मोहब्बत को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही नूर याद आता है।"
"आपकी लेखनी लोगों को वादे और दोबारा आने की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से धन्यवाद। 🙏"
"Thank you for a song that shows love coming down as light. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो