खुद को चढ़ा दें तो, सेवा कर पायेंगे
खुद मर जायेंगे तो, सुख से जी पायेंगे
पद 1
दुःख और आँसू हैं सच्चे मसीही के लिए
डरना नहीं इनसे बस ये अभी के लिए
पद 2
कल की चिंता में व्याकुल न हो बेटे
अब तक सम्भाला है आगे संभालेगा
"जब यह पंक्ति आती है — “चढ़ा दें” — तो रोमियों 12:1 याद आता है। अपने शरीरों को जीवित और पवित्र बलिदान करके चढ़ाओ।"
"जब गीत कहता है — “मर जायेंगे” — तो मत्ती 16:25 याद आता है। जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे वह उसे खोएगा।"
"और जब कहा जाता है — “चिंता” — तो मत्ती 6:34 दिल में आता है। कल के लिये चिन्ता न करो।"
"यह गीत खुद को चढ़ाने और सेवा करने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे सेवा पास आ गई हो।"
"दुःख, आँसू, और चिंता — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब खुद को चढ़ाओ तो सेवा कर पाओगे।"
"खुद मर जाओ तो सुख से जी पाओगे।"
"दुःख और आँसू अभी के लिए हैं।"
"कल की चिंता मत करो, आगे संभालेगा।"
"सीख यह है कि व्याकुल न हो।"
"इस भजन के शब्द चढ़ा दें को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही सेवा की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को दुःख और चिंता की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that offers self to serve and live. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो