15 October 2026✝ मसीही संगीत की दुनिया
Today's Song

Jivan Ki Khoj Mein - जीवन की खोज में

Jivan Ki Khoj Mein - जीवन की खोज में
👁 9 Views
Support SongDP

जीवन की खोज में निकला रे (2)

(यीशु पाया 4)

मार्ग पाया, सत्य पाया, जीवन पाया रे (2)

ओ-साथी रे, वो-बन्धु रे (2)

पद 1

इस दुनिया में घोर अंधेरा, शैतान ने है डारा डेरा (2)

सबके मन को उसने फेरा, निकला उजियाले की खोज में (2)

(यीशु पाया 4)

पद 2

मन के अंदर पाप की नगरी, भरती जाये कर्म की गगरी (2)

कौन निकाले भवसागर से, मेरी प्यासी अखिया तरसे (2)

निकला छुटकारे की खोज में (2)

(यीशु पाया 4)

Bible Verse

"जब यह पंक्ति आती है — “खोज” — तो यिर्मयाह 29:13 याद आता है। तुम मुझे ढूँढ़ोगे और पाओगे।"

"जब गीत कहता है — “मार्ग” — तो यूहन्ना 14:6 याद आता है। मैं ही मार्ग और सत्य और जीवन हूँ।"

"और जब कहा जाता है — “उजियाले” — तो यूहन्ना 8:12 दिल में आता है। मैं जगत की ज्योति हूँ।"

इतिहास

"यह गीत जीवन की खोज और यीशु पाया का गीत है।"

"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे खोज पास आ गई हो।"

"अंधेरा, नगरी, और छुटकारा — यही इस गीत की गहराई है।"

गीत से सीख

"जब खोज में निकले तो यीशु पाया।"

"मार्ग सत्य जीवन पाया।"

"अंधेरा था तो उजियाले की खोज।"

"पाप की नगरी से छुटकारे की खोज।"

"सीख यह है कि पाया।"

Writer & Singer, Thank You ❤️

"इस भजन के शब्द खोज को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही पाया की याद आती है।"

"आपकी लेखनी लोगों को मार्ग और छुटकारे की ओर खींचती है।"

"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"

"Thank you for a song of searching and finding Jesus. ❤️"