इंजील को फैलाना यह काम हमारा है
मुँजी के जमाने में यह नाम पियारा है
पद 1
छेड़ेंगे वही नगमें, कि जिनके इशारों पर ×2
तकलीफों का क्या कहना, मरना भी गंवारा है
इंजील को फैलाना...
पद 2
कान्धों पर सलीबें हों, इंजील हो हाथों में ×2
दुनिया को बता देंगे यीशु ही कफारा है
इंजील को फैलाना...
पद 3
त्रिएक के नारे फिर, गूँजेंगे आकाशों में ×2
इबलीस हुआ हैरान इस जोश से मारा है
इंजील को फैलाना...
पद 4
नबियों में तेरी इज्जत, और मान फरिश्तों में ×2
आँखों का वह तारा है, सुबह का सितारा है
इंजील को फैलाना...
पद 5
हम खून का हर कतरा हँस-हँस के बहा देंगे ×2
दिल इससे रौशन है, एहसान ये भारी है
इंजील को फैलाना...
जब यह पंक्ति आती है — “इंजील को फैलाना यह काम हमारा है” — तो दिल जाग जाता है। यह बात मत्ती 28:19 की याद दिलाती है। तुम जाकर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ।
जब गीत कहता है — “यीशु ही कफारा है” — तो 1 यूहन्ना 2:2 याद आता है। वह हमारे पापों का प्रायश्चित है, और सारे जगत के पापों का भी।
और जब कहा जाता है — “आँखों का वह तारा है” — तो यूहन्ना 8:12 दिल में आता है। यीशु ने कहा, जगत की ज्योति मैं हूँ।
यह गीत केवल एक काम की सूची नहीं है। इसके पीछे वही पुराना विश्वास है — जो नाम प्यारा है, उसे छुपाया नहीं जाता।
तकलीफ गंवारा है, सलीब कंधे पर है, फिर भी नगमा वही है। यह केवल पुराने समय की बात नहीं रह जाती, बल्कि हमारी अपनी कहानी बन जाती है।
किसी घर में एक माँ इसे धीरे गाती है, कोई जवान राह पर इसे सुनता है, और कभी पूरी कलीसिया एक साथ कहती है, यह नाम प्यारा है।
उस पल लगता है जैसे अलग-अलग आवाज़ें नहीं, एक ही दिल सुसमाचार बाँट रहा हो। यही इस गीत की खूबसूरती है।
हम अक्सर सोचते हैं कि बताना किसी और का काम है। यह गीत कहता है, यह काम हमारा है।
यह गीत हमें बोझ देने के लिए नहीं, यह याद दिलाने के लिए है कि जो ज्योति मिली है, उसे आगे बढ़ाना है।
सीख सीधी है। नाम को दिल में रखकर चुप न रहो।
इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने बुलाहट को इतनी सरल हिंदी में गाया कि दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship.
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो