हे पवित्रात्मा शक्ति हमें देना (2)
तेरी वो सामर्थ हमको चाहिए, प्रभु ये तू जानता है (2)
पद 1
पहले युग के जैसे ही, आश्चर्य कर्मों को होने दे (2)
पहले जैसी आत्मिक शक्ति, तू हमको देना
हे पवित्रात्मा शक्ति हमें देना (2)
पद 2
वरदानों से सुशोभित हो, हम वचनों में जड़ से बढ़ने को
जागृति हममें आने को आत्मा की बारिश तू भेज
हे पवित्रात्मा शक्ति हमें देना (2)
पद 3
संसार की अभिलाषा से भागने
और शैतान की शक्ति से जय पाने (2)
धीरज से तेरी सेवा करने, अभिषेक करना हमें (2)
हे पवित्रात्मा शक्ति हमें देना (2)
"जब यह पंक्ति आती है — “पवित्रात्मा” — तो प्रेरितों के काम 1:8 याद आता है। पवित्र आत्मा तुम पर आएगा।"
"जब गीत कहता है — “सामर्थ” — तो प्रेरितों के काम 1:8 याद आता है। तुम सामर्थ पाओगे।"
"और जब कहा जाता है — “अभिषेक” — तो 1 यूहन्ना 2:27 दिल में आता है। उसका अभिषेक तुम्हें सब बातें सिखाता है।"
"यह गीत पवित्रात्मा शक्ति देने और सामर्थ चाहने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे शक्ति पास आ गई हो।"
"आश्चर्य, बारिश, और सेवा — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब शक्ति दो तो सामर्थ चाहिए।"
"आश्चर्य कर्म होने दो।"
"आत्मा की बारिश भेजो।"
"अभिलाषा से भागो और जय पाओ।"
"सीख यह है कि अभिषेक करना।"
"इस भजन के शब्द शक्ति को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही सामर्थ की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को बारिश और अभिषेक की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that asks for the power of the Spirit. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो