एक आग हर दिल में हमको जलाना है (2)
भटके हुए जीवन को प्रभु से मिलाना है (2)
पद 1
संसार की आशा भरी नजरें हमी पर हैं
उद्धार का संदेश भी, कंधों के ऊपर है
एक दीप से लाखों दिए हमको जलाना है
पद 2
इतने सरल ये रास्ते कल न खुले होंगे
प्रचार के अवसर हमें फिर न मिले होंगे
तैयार रहना कल हमें खुद को मिटाना है
पद 3
बर्बाद इस संसार को हम को चुनौती है
जोखिम भरे ये रास्ते तकलीफ होती है
रुकना नहीं झुकना नहीं बढ़ते ही जाना है
"जब यह पंक्ति आती है — “आग हर दिल में” — तो लूका 12:49 याद आता है। मैं पृथ्वी पर आग लाने आया हूँ।"
"जब गीत कहता है — “लाखों दिए” — तो मत्ती 5:15 याद आता है। दीया जलाकर पाइ के नीचे नहीं रखते, वरन दीवट पर रखते हैं।"
"और जब कहा जाता है — “बढ़ते ही जाना है” — तो फिलिप्पियों 3:14 दिल में आता है। मैं निशाने की ओर बढ़ता चला जाता हूँ।"
"यह गीत हर दिल में आग जलाने और भटके को मिलाने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे दीप पास आ गया हो।"
"संदेश, अवसर, और चुनौती — यही इस गीत की गहराई है।"
"उद्धार का संदेश कंधों पर है।"
"रास्ते कल न खुले होंगे।"
"सीख सीधी है — रुकना नहीं, बढ़ते जाना है।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने आग को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो