दीपक हैं हम तेरे प्रभु, हम ज्योति जलायेंगे
आँधियारे को दूर भगा, उजियाला लायेंगे
पद 1
विनती हमारी तुझसे है, प्रभु बचा हमारे प्राण
आये शरण हम तेरे, मुक्ति दे दो महान
तेरे क्रूस को देखकर, हम शीश झुकायेंगे
पद 2
नील गगन के नीचे, सुनी थी ये सबने आवाज
आयेगा वो प्यारा यीशु, बादलों के साथ
तेरे नूर को हम देखेंगे, अपने शीश नवायेंगे
पद 3
मुक्ति मिलेगी तुमको प्यारों, आओ यीशु के पास
उसको बना लो अपना प्यारा, होगे तुम न उदास
अरमान हमारा है यही, हम साथ में जायेंगे
"जब यह पंक्ति आती है — “दीपक” — तो मत्ती 5:14 याद आता है। तुम जगत की ज्योति हो।"
"जब गीत कहता है — “उजियाला” — तो यूहन्ना 8:12 याद आता है। मैं जगत की ज्योति हूँ।"
"और जब कहा जाता है — “बादलों” — तो प्रेरितों के काम 1:11 दिल में आता है। जैसे तुमने उसे स्वर्ग पर जाते देखा, वैसे ही वह फिर आएगा।"
"यह गीत दीपक होने और ज्योति जलाने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे उजियाला पास आ गया हो।"
"विनती, नूर, और मुक्ति — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब दीपक हो तो ज्योति जलाओ और आँधियारे भगाओ।"
"विनती करो और शरण आओ।"
"क्रूस देखकर शीश झुकाओ।"
"बादलों के साथ आएगा तो नूर देखो।"
"सीख यह है कि मुक्ति मिलेगी और साथ जाओगे।"
"इस भजन के शब्द दीपक को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही ज्योति की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को उजियाला और नूर की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that lights the lamp in the darkness. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो