पद 1
दर्शन को आये हैं पिताजी, विनती हमारी यह सुन लो
हम शीश नवाए खड़े हैं, महिमा अपनी दिखा दो
पद 2
यीशु नाम से मिलती है माफी, वह कुल दुनिया का है शाफी
जपो नाम उसी का भाई, वह करता दिल की सफाई
पद 3
यीशु नाम है देता रिहाई, आओ देवें उसकी दुहाई
शैतान की सब चालों पर, जय हम ने उसी से है पाई
पद 4
यीशु नाम हमारे संग है, दुश्मन हमारा तंग है
यहोवा की यह जंग है, शैतान की फौजें दंग है
पद 5
आओ आपे को अपने नकारो, और क्रूस को अपने उठाओ
तुम दुनिया पर जय पाओ, और अंत समय फल पाओ
"जब यह पंक्ति आती है — “दर्शन को आये हैं पिताजी” — तो भजन संहिता 27:4 याद आता है। एक बात यहोवा से माँगता हूँ, कि मैं यहोवा के भवन में जीवन भर रहूँ।"
"जब गीत कहता है — “यीशु नाम से मिलती है माफी” — तो प्रेरितों के काम 4:12 याद आता है। और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं, क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया।"
"और जब कहा जाता है — “क्रूस को अपने उठाओ” — तो मत्ती 16:24 दिल में आता है। यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आपे से इन्कार करे और अपना क्रूस उठाए।"
"यह गीत आराधना की वह पुकार है जब दिल पिता के दर्शन की लालसा से भर जाता है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे परमेश्वर का सिंहासन पास आ गया हो।"
"यीशु के नाम की शक्ति और क्रूस उठाने का आह्वान — यही इस गीत की गहराई है।"
"पिता के दर्शन की चाहत रखो।"
"यीशु का नाम ही माफी, रिहाई और जय का स्रोत है।"
"सीख सीधी है — अपने आपे को नकारो, क्रूस उठाओ, और यीशु के नाम में आगे बढ़ो।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने पिता के दर्शन और यीशु के नाम की महिमा को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो