दरबार है सच्चे ईश्वर का, दुख दर्द मिटाये जाते हैं
दुनियां के सताए लोग यहाँ सीने से लगाये जाते है
पद 1
यहाँ न कोई ऊँचा न कोई नीचा, न कोई ज्ञानी-अज्ञानी है
सब एक बताये जाते हैं, दुख दर्द मिटाये जाते हैं
पद 2
न यहाँ देवी न यहाँ देवता, न कुछ पूजा न कुछ अर्चना
सच्चे वचन सुनाये जाते हैं, दुख दर्द मिटाये जाते हैं
पद 3
जो विश्वास करते हैं, वह प्रभु में हमेशा रहते हैं
और अनंत जीवन पाते हैं, दुख दर्द मिटाये जाते हैं
पद 4
यीशु को जानो, सत्य को मानो, बुराई को छोड़ो, भलाई को पकड़ो
हम यही बताने आये हैं, दुख दर्द मिटाये जाते हैं
"जब यह पंक्ति आती है — “न कोई ऊँचा न कोई नीचा” — तो गलातियों 3:28 याद आता है। न यहूदी रहा न यूनानी, न दास न स्वतंत्र, क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो।"
"जब गीत कहता है — “सच्चे वचन सुनाये जाते हैं” — तो यूहन्ना 17:17 याद आता है। तेरा वचन सत्य है।"
"और जब कहा जाता है — “अनंत जीवन पाते हैं” — तो यूहन्ना 3:16 दिल में आता है। जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।"
"यह गीत सच्चे ईश्वर के दरबार का गीत है, जहाँ दुख दर्द मिटाये जाते हैं।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे दरबार पास आ गया हो।"
"एक होना, सच्चा वचन, और अनंत जीवन — यही इस गीत की गहराई है।"
"दरबार में ऊँच-नीच नहीं।"
"पूजा-अर्चना नहीं, सच्चा वचन है।"
"सीख सीधी है — यीशु को जानो, भलाई को पकड़ो।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने दरबार की बात को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो