चलते-चलते नूर में, यीशु के साथ (2)
चलते-चलते हाथ में, यीशु के साथ (2)
नूर में मैं रहूँगा फतह पाऊँगा मैं जरूर
मेरा मुंजी मैसूर (2)
चलते-चलते नूर में
"जब यह पंक्ति आती है — “नूर” — तो यूहन्ना 8:12 याद आता है। मैं जगत की ज्योति हूँ।"
"जब गीत कहता है — “साथ” — तो मत्ती 28:20 याद आता है। मैं जगत के अन्त तक सदा तुम्हारे संग हूँ।"
"और जब कहा जाता है — “फतह” — तो 1 कुरिन्थियों 15:57 दिल में आता है। परमेश्वर का धन्यवाद हो जो हमें प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जय देता है।"
"यह गीत नूर में चलते रहने और साथ का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे नूर पास आ गया हो।"
"हाथ, फतह, और मुंजी — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब नूर में चलो तो साथ है।"
"हाथ में साथ है।"
"नूर में रहूँगा और फतह पाऊँगा।"
"सीख यह है कि चलते-चलते नूर में।"
"इस भजन के शब्द नूर को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही साथ की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को फतह और मुंजी की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song of walking in the light with Jesus. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो