अनुग्रहकारी प्रिय प्रभु जी, तेरी शरण में हम आते हैं
तन-मन-धन तुझ को भेंट चढ़ा कर
करते हैं हम तुझे शत-शत प्रणाम
पद 1
हर दिन तू हमें आशीष देता, गिरने से हमको बचा के तू रखता
जीवन के इस लम्बे सफर में, तेरा वचन ही राह दिखाता
अनुग्रहकारी
पद 2
संकट क्लेश तो आते रहेंगे, पर तेरा अनुग्रह काफी है हर पल
हम तेरे कदमों में चलते रहेंगे, जीत हमारी होगी आखिर जरूर
अनुग्रहकारी
पद 3
सेवा यीशु से हमको मिली है
मिट्टी के बर्तन लेकिन खजाना है स्वर्ग का
टूट जाये तो भी परवाह नहीं है, महिमा हम तुझको देते रहेंगे
अनुग्रहकारी
"जब यह पंक्ति आती है — “अनुग्रह काफी है” — तो 2 कुरिन्थियों 12:9 याद आता है। मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है।"
"जब गीत कहता है — “तेरा वचन ही राह दिखाता” — तो भजन संहिता 119:105 याद आता है। तेरा वचन मेरे पाँव के लिये दीपक है।"
"और जब कहा जाता है — “मिट्टी के बर्तन” — तो 2 कुरिन्थियों 4:7 दिल में आता है। हमारे पास यह खजाना मिट्टी के बरतनों में है।"
"यह गीत अनुग्रहकारी प्रभु की शरण में आने और भेंट चढ़ाने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे अनुग्रह पास आ गया हो।"
"आशीष, कदम, और खजाना — यही इस गीत की गहराई है।"
"हर दिन आशीष मिलती है।"
"अनुग्रह हर पल काफी है।"
"सीख सीधी है — मिट्टी के बर्तन में स्वर्ग का खजाना है।"
"इस भजन के शब्द अनुग्रह को इतनी कोमल हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही शरण लेने की इच्छा जागती है।"
"आपकी गायकी लोगों को कदमों में चलने और महिमा देते रहने की शक्ति देती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that celebrates His sufficient grace. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो