आँखें हमारी खोलिए प्रभु जी, तेरे ही दर्शन का हम निहारे
पद 1
प्यारे प्रभु ने आकर जमीं पर, कैसा किया है हमसे मिलन (2)
न जाने कब हो तुमसे मिलन, हमको तू ऐसा प्रतिदिन बढ़ा
आँखें हमारी
पद 2
गायेंगे हम तो तेरी महिमा, चाहे घटी हो चाहे दुःख हो (2)
प्यारे प्रभु जी तू ही खुदा है, जाने तुझे ये दुनिया सारी
आँखें हमारी
"जब यह पंक्ति आती है — “आँखें हमारी खोलिए” — तो भजन संहिता 119:18 याद आता है। मेरी आँखें खोल दे कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूँ।"
"जब गीत कहता है — “हमसे मिलन” — तो यूहन्ना 1:14 याद आता है। वचन देहधारी हुआ, और हमारे बीच में डेरा किया।"
"और जब कहा जाता है — “तू ही खुदा है” — तो यशायाह 45:22 दिल में आता है। पृथ्वी के सब छोरों के लोगो, मेरी ओर फिरो और उद्धार पाओ।"
"यह गीत दर्शन की प्रतीक्षा में आँखें खोलने की प्रार्थना है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे दर्शन पास आ गया हो।"
"मिलन, महिमा, और खुदा — यही इस गीत की गहराई है।"
"मिलन के लिए आँखें खुलनी चाहिए।"
"घटी हो या दुःख, महिमा गाओ।"
"सीख सीधी है — प्रतिदिन बढ़ाए जाने की विनती करो।"
"इस गीत के बोल आँखें खोलने और दर्शन की प्यास को इतनी सच्ची हिंदी में रखते हैं कि दिल खुद प्रार्थना में डूब जाता है।"
"आपकी आवाज़ और शब्द लोगों को जमीं पर आए प्रभु से रोज मिलने की लालसा देते हैं।"
"इस भजन को आराधना में शामिल करने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that opens our eyes to the Lord. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो