अंधकार मिटाता है यीशु ज्योति जलाता है
भटके हुए इंसा को (2) यीशु राह दिखाता है
पद 1
डगमगाते मेरे कदम को, यीशु मसीह ने संभाला
अंधकार में था मेरा जीवन, यीशु ने दिया है उजाला (2)
हमें पास बुलाता है, सारे कष्ट मिटाता है
भटके हुए इंसा को
पद 2
जब तक रहेगा ये जीवन, यीशु का ही नाम लूँगा
वो पिता हमारा है, सारे जग से प्यारा है
भटके हुए इंसा को
"जब यह पंक्ति आती है — “ज्योति जलाता है” — तो यूहन्ना 8:12 याद आता है। मैं जगत की ज्योति हूँ।"
"जब गीत कहता है — “राह दिखाता है” — तो भजन संहिता 119:105 याद आता है। तेरा वचन मेरे पाँव के लिये दीपक है।"
"और जब कहा जाता है — “डगमगाते कदम” — तो भजन संहिता 37:23 दिल में आता है। मनुष्य के पग यहोवा के द्वारा स्थिर होते हैं।"
"यह गीत अंधकार मिटाने और राह दिखाने वाले यीशु का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे उजाला पास आ गया हो।"
"कदम, कष्ट, और नाम — यही इस गीत की गहराई है।"
"वह अंधकार मिटाता और ज्योति जलाता है।"
"डगमगाते कदम संभालता है।"
"सीख सीधी है — जीवन भर नाम लो।"
"इस भजन के शब्द अंधकार मिटाने को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही राह दिखती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को भटके हुए इंसानों को राह दिखाने की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that lights the way for the lost. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो