ऐ शाहो के शाहेनशाह, और इलाहों का तू है इलाह (2)
कर दूर मेरी कमियाँ, घटियों को तू कर पूरा (2)
पद 1
ऐ सिय्योन के राजा, तू कब तक आयेगा (2)
अब और न देर लगा (4)
पद 2
तेरी दुल्हन खड़ी फुर्शत से सजी (2)
ले उसको तू अब तो उठा (2)
अब और न देर लगा (4)
पद 3
अपनी रूह से भर दे, आत्मा हमे दे (2)
अब और न देर लगा (4)
"जब यह पंक्ति आती है — “शाहेनशाह” — तो प्रकाशितवाक्य 19:16 याद आता है। राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु।"
"जब गीत कहता है — “सिय्योन के राजा” — तो मत्ती 21:5 याद आता है। देख, तेरा राजा तेरे पास आता है।"
"और जब कहा जाता है — “दुल्हन” — तो प्रकाशितवाक्य 19:7 दिल में आता है। मेम्ने का ब्याह आ पहुँचा है।"
"यह गीत शाहेनशाह को आने की पुकार है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे देर पास आ गई हो।"
"कमियाँ, दुल्हन, और रूह — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब शाहेनशाह हो तो कमियाँ दूर करो और घटियाँ पूरी करो।"
"सिय्योन का राजा कब तक आएगा, देर मत लगाओ।"
"दुल्हन सजी है, उठा लो।"
"रूह से भर दो और आत्मा दो।"
"सीख यह है कि अब और देर मत लगाओ।"
"इस भजन के शब्द शाहेनशाह को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही आने की पुकार उठती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को दुल्हन और रूह की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that calls the King to come without delay. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो