अब यीशु के पास जाने दो, दुनिया वालो न रोको मुझे (2)
हाल दिल का सुनाने दो (2)
जाने दो
पद 1
प्यासी हिरनी हूँ, यीशु तेरे प्यार की
दिल में चाहत है, तेरे ही दीदार की (2)
प्यास अपनी बुझाने दो (2)
जाने दो
पद 2
कदम उखड़े हुए मन हैं भारी
पाई वर्षों से हुई बिमारी (2)
शिफा यीशु से पाने दो (2)
जाने दो
पद 3
बात दिल में है मैंने छिपाई
जो किसी से न जाई बताई
आँसुओं को बहाने दो (2)
जाने दो
पद 4
गिरते-गिरते मैं आगे बढ़ूँगा
जाके यीशु से सब कुछ कहूँगा
हाथ उसको लगाने दो
जाने दो
"जब यह पंक्ति आती है — “हिरनी” — तो भजन संहिता 42:1 याद आता है। जैसे हरिण धाराओं के लिये हांफता है।"
"जब गीत कहता है — “प्यास” — तो यूहन्ना 7:37 याद आता है। यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आकर पीए।"
"और जब कहा जाता है — “शिफा” — तो मत्ती 8:16 दिल में आता है। उसने बहुतों को चंगा किया।"
"यह गीत पास जाने देने और न रोकने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे जाने दो पास आ गया हो।"
"हिरनी, बिमारी, और आँसू — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब पास जाने दो तो दुनिया वालो न रोको।"
"हिरनी प्यासी है तो प्यास बुझाने दो।"
"बिमारी है तो शिफा पाने दो।"
"बात छिपाई है तो आँसू बहाने दो।"
"सीख यह है कि हाथ लगाने दो।"
"इस भजन के शब्द जाने दो को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही पास जाने की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को प्यास और शिफा की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that lets the thirsty go to Jesus. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो