आवाज देता है, प्रभु तुमको बुलाता है
ऐ मन मेरे तू क्यों प्रभु से दूर जाता है
पद 1
पाप मेरे बहुत देखे, स्वर्ग फिर तुझको न भाया
बचाने को हमें उसने, उतर कर धरती पर आया
हमको छुड़ाता है, प्रभु मुक्ति दिलाता है
ऐ मन
पद 2
गुनाहों की जंजीरों में, बहुत था जकड़ा मन मेरा
न कोई उर में ज्योति थी, हर तरफ बस था अंधेरा
दीपक जलाता है, प्रभु रास्ता दिखाता है
ऐ मन
पद 3
मेरे उद्धारकर्ता तुम, न तुमसे दूर जाना है
सिवा तेरे मेरा जग में, नहीं मेरा ठिकाना है
क्यों भूलकर प्रभु को, हर गम उठाता है
ऐ मन
पद 4
दया के आप सागर हो, दया मुझ पापी पर कर दो
मेरे इस खाली जीवन में, उजाला प्रेम का भर दो
हम भूल जाते हैं, वो न हमें भूल पाता है
ऐ मन
"जब यह पंक्ति आती है — “आवाज देता है” — तो यशायाह 30:21 याद आता है। तेरे कान यह वचन सुनेंगे।"
"जब गीत कहता है — “दूर जाता है” — तो यिर्मयाह 2:5 याद आता है। उन्होंने मुझ से दूर होकर व्यर्थता का अनुकरण किया।"
"और जब कहा जाता है — “उजाला” — तो यूहन्ना 8:12 दिल में आता है। मैं जगत की ज्योति हूँ।"
"यह गीत आवाज देने और दूर जाने की बात का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे आवाज पास आ गई हो।"
"पाप, जंजीर, और दया — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब आवाज देता है तो दूर क्यों जाते हो।"
"पाप देखे और बचाने आया।"
"जंजीरों में जकड़ा था तो दीपक जलाता है।"
"उद्धारकर्ता हो और ठिकाना वही है।"
"सीख यह है कि भूल जाते हैं लेकिन वह नहीं भूलता।"
"इस भजन के शब्द आवाज को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही दूर जाने का डर जाता है।"
"आपकी लेखनी लोगों को मुक्ति और उजाले की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that calls the heart back home. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो