आज हमारी नगरी में जन्मा तारणहारा ×2
यीशु नाम है उसका, पुत्र है वह ईश्वर का ×2
यह खुशियाँ दिल में समाएं न...
पद 2
दूत मिले हैं मेषपाल से, खुशखबरी सुनाने को
ज्ञानियों ने भी देखा है सुन्दर तारा पूरब में
कैसी बात है यह अजब, समझ न आये है बेगजब ×2
यह खुशियाँ दिल में समाएं न...
पद 3
कितना पावन है यह दिवस, जब पापी ईश्वर से मिले
जिसने पाया दर्शन प्रभु का, उसके सारे पाप मिटे
मुझको मिला नया जीवन, मन मेरा हुआ पावन ×2
यह खुशियाँ दिल में समाएं न...
जब यह पंक्ति आती है — “आज हमारी नगरी में जन्मा तारणहारा” — तो मन ठहर-सा जाता है। यह बात लूका 2:11 की याद दिलाती है। आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, जो मसीह प्रभु है।
जब गीत कहता है — “दूत मिले हैं मेषपाल से” — तो लूका 2:10 याद आता है। दूत ने कहा, मत डर, मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूँ।
और जब कहा जाता है — “सुन्दर तारा पूरब में” — तो मत्ती 2:2 दिल में आता है। हमने उसका तारा पूरब में देखा है।
यह गीत केवल एक पुरानी रात की कहानी नहीं है। इसके पीछे वही विश्वास है — तारणहारा एक नगर में जन्मा, ताकि हर नगर तक खुशखबरी पहुँचे।
जब कोई इसे गाता है, खुशियाँ दिल में समाती नहीं। यह केवल पुराने समय की बात नहीं रह जाती, बल्कि हमारी अपनी कहानी बन जाती है।
किसी घर में एक माँ इसे धीरे गाती है, कोई बच्चा तारे की बात सुनता है, और कभी पूरी कलीसिया एक साथ कहती है, यीशु नाम है उसका।
उस पल लगता है जैसे अलग-अलग आवाज़ें नहीं, एक ही दिल परमेश्वर को पुकार रहा हो। यही इस गीत की खूबसूरती है।
हम अक्सर सोचते हैं कि उद्धार दूर है। यह गीत कहता है, आज, हमारी नगरी में। नाम उसका यीशु है, पुत्र ईश्वर का।
यह गीत हमें खबर सुनाने के लिए नहीं, यह याद दिलाने के लिए है कि खुशी दिल में जगह माँगती है।
सीख सीधी है। खुशी समाचार में नहीं रुकती। उसे दिल में जगह दो, और कहो — तारणहारा आया है।
इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने जन्म की खुशखबरी को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship.
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो